राजस्थान के न्यायालय में 15000/- प्रतिमाह के वेतन पर सीधी भर्ती
राजस्थान राज्य विधिक सेवा
प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला
विधिक सेवा प्राधिकरण जैसलमेर द्वारा
जैसलमेर जिले में स्थापित प्रत्येक पंचायत
समिति मुख्यालय पर
जिलों पर विधिक
सेवा केंद्रों की
स्थापना की जा कर
विधिक सेवा कार्यक्रम के
क्रियान्वयन तथा विधिक जागरूकता के
प्रसार हेतु निम्नलिखित पंचायत
समिति क्षेत्रवार पैरा
लीगल वालंटियर की
नियुक्ति के आदेश जारी
जारी किए गए
हैं ।
पैरा लीगल वालंटियर के कार्य
1. समाज के कमजोर
वर्ग के लोगों
को उनके विधिक
अधिकारों से अवगत कराना।
2. आम नागरिकों के
विवादों को जिला विधिक
सेवा प्राधिकरण तालुका
विधिक सेवा समिति
राजस्थान राज्य विधिक सेवा
प्राधिकरण व राष्ट्रीय विधिक
सेवा प्राधिकरण द्वारा
लोक अदालत व
मध्यस्थता व राजीनामा के
जरिए निस्तारित किये
जाने की जानकारी देना।
3.
पैरा लीगल वालंटियर द्वारा
उनके क्षेत्र में
होने वाले कार्यों पर
नजर रखना व
अन्याय होने की
स्थिति में जरिए
दूरभाष संबंधित विधिक
सेवा प्राधिकरण को
लिखित या मौखिक
रूप से अवगत
कराना।
4. पीड़ित व्यक्ति की
समुचित देखभाल व
समुचित मुआवजा मिलने
बाबत जानकारी देना।
5. जिला विधिक सेवा
प्राधिकरण व तालुका विधिक
सेवा समिति द्वारा
अधिकृत किये जाने
पर जेल लॉकअप
मनोरोग अस्पताल सम्प्रेषण गृह
का निरीक्षण करना
व उन्हें विधिक
अधिकारों से अवगत कराना।
6. बाल अधिकारए बाल
श्रमए बालकों का
गायब होनाए कन्याओं का
अवैध व्यापार संबंधी
अधिनियमों की अवज्ञा होने
पर नजदीकी विधिक
सेवा संस्था को
जानकारी देना
7. विवादों का सेटलमेन्ट प्रिलीटीगेशनए लोक
अदालतए मध्यस्थताए मीडिएशन के
बारे में जानकारी देना
व उनकी उपयोगिता बताना।
8. पैरा लीगल वालंटियर द्वारा
विधिक सेवा प्राधिकरणए तालुका
विधिक सेवा समिति
को उनके क्षेत्र में
होने वाले विधिक
सेवा कार्यक्रमों व
शिविरों की जानकारी देना।
9. पैरा लीगल वालंटियर द्वारा
आम जनता को
यह भी जानकारी दी
जायेगी कि स्थाई
लोक अदालत द्वारा
विवादों का निस्तारण पोस्ट
एण्ड टेलीग्राफ दूरसंचार विद्युत सप्लाई
वाटर सप्लाई बीमा
व अस्पताल संबंधी
सेवाओं के विवाद
कम खर्च में
निस्तारित होते है।
10.
पैरा लीगल वालंटियर द्वारा उनके
क्षेत्र में जिला विधिक
सेवा प्राधिकरण द्वारा
विभिन्न योजनाओं संबंधी उपलब्ध कराये
गये मेटेरियल को
प्रचार व प्रसार
करना।
शैक्षणिक योग्यता-
आवेदक को सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण होना
चाहिए तथा अभ्यर्थी को
देवनागरी लिपि में हिंदी
लिखने तथा पढ़ने
की अच्छी जानकारी होनी
आवश्यक है ।
चयन का प्रकार-
आवेदकों का
साक्षात्कार द्वारा प्रशिक्षण हेतु
चयन करने के
पश्चात उन्हें प्रशिक्षण दिया
जायेगाए प्रशिक्षण के पश्चात पैरा
लीगल वालंटियर की
लिखित परीक्षा व
साक्षात्कार लिया जाकर उन्हें
प्रशिक्षण प्राप्त पैरा लीगल वालंटियर माना
जाकर उन्हें सफल
घोषित किया जायेगा। सफल
घोषित किये जाने
के पश्चात उन्हें
जिला विधिक सेवा
प्राधिकरण द्वारा पहचान पत्र
दिया जायेगा जिसमें
जिला विधिक सेवा
प्राधिकरण का प्रतीक चिन्ह
होगा।
चरित्र प्रमाण पत्र-
आवेदक द्वारा ऐसे
दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों के
द्वारा प्रदत्त चरित्र
प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना
अनिवार्य है जो आवेदक
के संबंधी न
हो। ऐसे चरित्र
प्रमाण पत्र 6
माह की अवधि
से अधिक पुराने
नहीं होने चाहिये।
वेतनमान-
प्रत्येक पैरालीगल वालेन्टियर को प्रति कार्यदिवस 500/- रूपये का
मानदेय वास्तविक कार्य
किये जाने के
आधार पर देय
होगा। इसके अतिरिक्त किसी
भी प्रकार का
कोई भुगतान देय
नहीं होगा।
आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत करने वाले दस्तावेजात-
- जन्मतिथि के प्रमाण हेतु सेकेंडरी परीक्षा की अथवा प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित प्रति
- शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्रों की स्वप्रमाणित प्रति ।
- दो मूल चरित्र प्रमाण पत्र दिनांक सहित जो 6 माह से पुराने ना हो ।
- आवेदन पत्र पर स्वयं का हस्ताक्षर वाला फोटो जो नवीनतम हो ।
- जाति प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति
- आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति
- मूल निवास प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित प्रति
- कंप्यूटर संबंधी ज्ञान के प्रमाण पत्रों की स्वप्रमाणित प्रति
- आवेदन की अंतिम तिथि
आवेदन की अंतिम तिथि
आवेदन पत्र कार्यालय में
दिनांक 19.12.2020 तक स्वयं अथवा
डाक द्वारा कार्यालय में
जमा करा सकते
हैं। इस दिनांक
के बाद प्राप्त आवेदन
पत्रों पर कोई
विचार नहीं किया
जाएगा यदि आवेदन
पत्र में किसी
भी प्रकार के
प्रमाण पत्रों की
कमी पाई जाती
है तो व्यक्ति का
आवेदन निरस्त कर
दिया जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें