concussion rule in Cricket

क्रिकेट में कनकशन नियम 

 

                       हाल ही में भारत और ऑस्ट्रेलिया की मध्य हुई टी20 श्रृंखला के प्रथम मैच के दौरान इस्तेमाल हुआ यह कनकशन शब्द प्रचलन में आ रहा है और विवादों में भी दिखाई दे रहा है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के मध्य पहले टी-20 में रविंद्र जडेजा के चोटिल होने पर उनके स्थान पर आए यजुवेंद्र चहल ने ना केवल फील्डिंग करी बल्कि गेंदबाजी भी कर अपने अच्छे प्रदर्षन के बदोलत भारत को जीत भी दिलायी।  
                    पूर्व में क्रिकेट में पहले यदि कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाता था तो उसके स्थान पर सब्सीट्यूट फील्डर फील्डिंग करता था लेकिन कनकशन नियम आने के बाद चोटिल खिलाड़ी के स्थान पर आने वाला नया खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही कर सकता है।
 अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि यह नियम कब इस्तेमाल किया गया और किस कारण इसे इस्तेमाल किया जाता है तो आज हम इसी कनकशन नियम के बारे में विस्तार से जानेंगे आइए शुरू करते हैं।
कनकशन क्या होता है-
कनकशन का अर्थ अस्थाई चेतना/ सिर पर चोट जो कम गंभीर हो अथवा मस्तिष्काघात होता है ।

कनकशन नियम की शुरुआत-

                      साल 2020 के अगस्त माह से आईसीसी ने क्रिकेट में कुछ नए नियमों को मान्यता दी है उसी में एक नियम यह भी आता है जिसमें यदि किसी खिलाड़ी के सिर या गर्दन पर चोट लगती है तो उसके स्थान पर दूसरे खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है यानी आपकी टीम की तरफ से 12 खिलाड़ी बल्लेबाजी या गेंदबाजी कर सकते हैं ।
                    कनेक्शन नियम में जो खिलाड़ी चोटिल होता है उसका चेतना टेस्ट होता है वह खिलाड़ी की संतुलन की जांच करता है उससे पूछते हैं कि क्या उसका जी घबरा रहा है चक्कर आ रहे हैं और याददाश्त से संबंधित सवाल भी पूछता है साथ ही उसे कुछ अन्य खिलाड़ियों के बारे में जानकारी ली जाती है इसके बाद ही फैसला किया जाता है कि बाकी खेल पाएगा या नहीं खेल पाएगा ।
                    इस नियम के अंतर्गत यदि कोई गेंदबाज चोटिल हो जाता है तो उसकी जगह वैसा ही गेंदबाजी करने आता है। यदि किसी बल्लेबाज को चोट लग जाती है तो उसकी जगह बल्लेबाज ही बल्लेबाजी करने आता है और यदि कोई ऑलराउंडर चोटिल हो जाता है तो ऑलराउंडर की बल्लेबाजी ही कर सकता है लेकिन बजे नहीं कर सकता है ।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के मध्य तीन टी-20 श्रृंखला के पहले टी-20 मैच में रविंद्र जडेजा को मिचेल स्टार्क की पारी के अंतिम ओवर की दूसरी गेंद  हेलमेट पर लगी । हालांकि वे बल्लेबाजी करते रहे और पारी खत्म होने के बाद लौटे लेकिन कनेक्शन नियम के तहत उनके स्थान पर गेंदबाजी में यजुवेंद्र चहल को भेजा गया ।

कनकशन नियम पूर्व में कब इस्तमाल किया गया-

    कनेक्शन नियम पहली बार भारत और ऑस्ट्रेलिया के मध्य नहीं लिया गया है इससे पहले भी क्रिकेट के अंदर कनेक्शन रूल का इस्तेमाल किया गया था भारत और बांग्लादेश के बीच कोलकाता में खेले जा रहे पिंक बॉल टेस्ट में कनेक्शन सब्सीट्यूट का इस्तेमाल किया गया था इस मैच में बांग्लादेश के दो खिलाड़ियों को हेलमेट पर गेंद लगने के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा था और इन खिलाड़ियों की स्थान पर बांग्लादेश को कनेक्शन सब्सीट्यूट मिले थे ।

पहले कनकशन खिलाडी का नाम

               क्या आप पहले कनेक्शन सब्जी टूर खिलाड़ी का नाम जानते हैं जी हां पहले कनेक्शन सब्सीट्यूट खिलाड़ी मार्नस लाबुशेन ने थे एशेज सीरीज के दूसरे टेस्ट के दौरान जब स्टीव स्मिथ के हेलमेट पर जोर का आंसर की गेंद लगी थी तब ऑस्ट्रेलिया टीम ने लाभ उठाने को मार्नस लाबुशेन को कनेक्शन सब्सीट्यूट बनाया था मार्नस लाबुशेन उस मैच में स्टीव स्मिथ के स्थान पर आए थे।

किस किस खेल में है कनेक्शन नियम

         रग्बी में भी यह नियम है कि जब एक खिलाड़ी को सिर पर चोट लगे तो उसे हर हाल में मैदान के बाहर जाना ही पड़ेगा ऐसा इसलिए कि कई बार कनेक्शन के लक्षण उसी समय नजर नहीं आते हैं लेकिन अगर जांच के बाद इस तरह की कोई भी लक्षण खिलाड़ी के अंदर नजर नहीं आते हैं तो उसे मैदान पर वापस लौटने की परमिशन दे दी जाती है

 



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